Friday, 16 January 2015

mujh se do katre

#@nkit
मुझ से दो क़तरे भी आंसू के छुपाए ना गए,
माँ तो आँखों में समन्दर को छुपा लेती है!

जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,
माँ दुआ करती हुई ख्वाब में आ जाती है।

mene kal shab

#@nkit
मैंने कल शब चाहतों की सब किताबें फाड़ दी,
सिर्फ एक कागज़ पे लिक्खा शब्द माँ रहने दिया !

ab to shayad hi

#@nkit
अब तो शायद ही मुझसे मोहब्बत करे कोई...

मेरी आँखों में तुम साफ़ नज़र आती हो...����

bat itni si thi

#@nkit
बात इतनी सी थी ,
कि तुम अच्छे लगते थे,
अब बात इतनी बढ़ गई,
कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता ll

badi mushkil.se

#@nkit
बड़ी मुस्किल से बनाया था अपने आपको काबिल उसके , उसने ये केहकर बिखेर दिया… की तुमसे मोह्बत तो है पर पाने की चाहत नही हे !!