#@nkit
मुझ से दो क़तरे भी आंसू के छुपाए ना गए,
माँ तो आँखों में समन्दर को छुपा लेती है!
जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,
माँ दुआ करती हुई ख्वाब में आ जाती है।
#@nkit
मुझ से दो क़तरे भी आंसू के छुपाए ना गए,
माँ तो आँखों में समन्दर को छुपा लेती है!
जब भी कश्ती मेरी सैलाब में आ जाती है,
माँ दुआ करती हुई ख्वाब में आ जाती है।
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मैंने कल शब चाहतों की सब किताबें फाड़ दी,
सिर्फ एक कागज़ पे लिक्खा शब्द माँ रहने दिया !
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बात इतनी सी थी ,
कि तुम अच्छे लगते थे,
अब बात इतनी बढ़ गई,
कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता ll
#@nkit
बड़ी मुस्किल से बनाया था अपने आपको काबिल उसके , उसने ये केहकर बिखेर दिया… की तुमसे मोह्बत तो है पर पाने की चाहत नही हे !!