#@nkit
शीशे ये सपने ये रिश्ते ये धागे , किसे क्या खबर है कहाँ टूट जाएँ , मुहब्बत के दरिया मै तिनके वफ़ा के , न जाने ये किस मोड़ दूब डूब जाएँ !
Sunday, 21 December 2014
shishe ye sapne ye rishte
pyar kia tha to pyar ka anjam
#@nkit
प्यार किया था तो प्यार का अंजाम कहाँ मालूम था!
वफ़ा के बदले मिलेगी बेवफाई कहाँ मालूम था!
सोचा था तैर के पार कर लेंगे प्यार के दरिया को!
पर बीच दरिया मिल जायेगा भंवर कहाँ मालूम था
aag lagi dil me lagi jab
#@nkit
आग दिल मे लगी जब वो खफा हुए,
महसूस हुआ तब, जब वो जुदा हुए,
कर के वफ़ा कुछ दे ना सके वो,
पर बहुत कुछ दे गये जब वो बेवफा हुए.
jakhm jab mere sine
#@nkit
ज़ख़्म जब मेरे सिने के भर जाएँगे;
आँसू भी मोती बनकर बिखर जाएँगे;
ये मत पूछना किस किस ने धोखा दिया;
वरना कुछ अपनो के चेहरे उतर जाएँगे।
aasan nahi hai
#@nkit
आसान नही है हमसे यूँ Shayri में जीत पाना !हम हर एक शब्द मोहब्बत में हार कर लिखते ह
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