Thursday, 8 January 2015

darr hai ki bichad

#@nkit
डर है कि बिछड़ ना जाए वो शक्स मुझ से...
जमाना मुझे तन्हा देखने का तलबगार बहुत है

kitna dur nikal.gye

#@nkit
कितना दूर निकल गए रिश्ते निभाते निभाते,
खुद को खो दिया मैंने अपनों को पाते पाते,
लोग कहते है दर्द है मेरे दिल में,
और हम थक गए मुस्कुराते मुस्कुराते...

Sunday, 28 December 2014

sukhe hotho se hi hoti h $

#@nkit
सूखे होटों से ही, होती है मीठी बातें,
प्यास बुझ जाए तो अलफ़ाज़ और इंसान दोनों बदल
जाते हैं..!!

rakh hosla vo manzar $

#@nkit
रख हौंसला

वो मंजर भी आएगा

प्यासे के पास
समंदर भी आएगा

थक कर ना बैठ

ऐ मंजिल के मुसाफिर

तुझे मंजिल भी मिलेगी और
मिलने का मज़ा भी आएगा।

tamnnao ki bheed me $

#@nkit
तमन्नाओँ की भिड़ मेँ इक तमन्ना पुरी हो गाई
ज़ीन्दगी से उम्मीद खत्म और मौत की आरज़ू पुरी हो गई !!!