Sunday, 28 December 2014

ek sukun ki talash me $

#@nkit
एक सुकून कि तालाश मे,
ना जाने कितनी बेचैनियाँ पाल लीं...

और लोग कहते हैं,
हम बड़े हो गये और ज़िन्दगी संभाल ली...

vah vah bolne ki aadat $

#@nkit
वाह वाह बोलने की आदत डाल लो,
मै मोहब्बत में अपनी बरबादियां लिखने
वाला हुं……

hamne mohhabat ke nashe $

#@nkit
हम ने मोहब्बत के नशे में
आ कर उसे
खुदा बना डाला,
होश तब आया
जब उस ने
कहा कि खुदा किसी
एक का नहीं होता।f

vo mot bhi $

#@nkit
वो मौत भी बडी हसीन होगी जो तेरी बाहों मे आनी होगी .... वादा रहा तुझसे पहले हम मर जायेंगे क्योंकि तेरे लिये जन्नत भी तो सजानी होगी...

unhe ye shaq hai $

#@nkit
उन्हे ये शक़ है के हम उनके लिए जान नहीं दे सकते,

हमे ये खौफ़ है कि वो रोएँगे बहुत हमे आजमाने के बाद..